...** बे "बुनियाद" थी वो "ज़मीन", जिसमें "इश्क़... View this post on Instagram ...** बे "बुनियाद" थी वो "ज़मीन", जिसमें "इश्क़" नहीं "काँटे" उगते है. "काँटे" तो "गुलाब" मे भी होते है, पर उसे "पाने" की "चाहत" वहीँ होती है, जो अपने "दिलरुबा" की होती है **... A post shared by aashik (@aashiiiik) on Jul 21, 2019 at 11:41pm PDT