...** "बेहयाशी" और "बेहूदी" - इतनी "कमीनी" हो... View this post on Instagram ...** "बेहयाशी" और "बेहूदी" - इतनी "कमीनी" होती है कि,, "ज़िंदगी" के मायने ही - "बदल" देती है. ** वरना "ज़िंदगी" (जिंद + गी ) - यूँ दो "लफ़्जो" मे "बटी" ना होती **... A post shared by aashik (@aashiiiik) on Sep 29, 2019 at 8:08am PDT